Food For Thought

तू जी तो सही!

tu je to sahi
Like
Like Love Haha Wow Sad Angry

आतीं हैं कठिनाइयाँ कभी

आते हैं कभी तूफ़ान
तू दो कदम चल कर तो देख, पर

तू चलने से पहले क्यूँ गिर जाता है

 

पर्वत से लड़ने की ज़रुरत नहीं

आग में तपने की ज़रुरत नहीं

तू होश में रहकर तो देख , पर

तू जलने से पहले क्यूँ राख हो जाता है




हवा के साथ उड़ तो सही

लहरों के संग बह तो सही

तू अपनी कश्ती पार कर लेगा, पर

तू तैरने से पहले क्यूँ डूब जाता है

 

क्या सच नहीं क्या झूठ नहीं

क्यूँ इसकी पहचान करता नहीं

सच का दामन पक्कड़ कर तो देख, पर

तू सच बोलने से पहले क्यूँ डर जाता है




आज मरना या कल मरना

तू मरण से क्यूँ घबराता है

तू जी तो सही, पर

तू जीने से पहले क्यूँ मर जाता है

 

तू जी तो सही,

तू जी तो सही, पर

तू जीने से पहले क्यूँ मर जाता है




Image: businessmag.al
Like
Like Love Haha Wow Sad Angry
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Thoughts

To Top
More in Food For Thought, Life Poetry, Poetry, कविताएं
ghazal heartbreak moment
A Ghazal in English: Spur Of The Moment Dumped Me

Spur of the moment dumped me, long relation availed not A sudden jolt, paved my path of being at large,...

something unpredictable
Something Unpredictable

It's something unpredictable, The way life turns out to be. Sometimes not in our favour, Sometimes not as we expected....

Close